आसवन

किसी विलयन के वाष्पीकरण और संघनन विधि द्वारा शुद्ध द्रव को प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसवन (Distillation) कहते है।
यह पदार्थो के पृथक्करण की भौतिक विधि है। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं होती है।
जब किसी द्रव में घुलनशील ठोस अशुद्धि उपस्थित होती है तो मिश्रण को उबालने पर द्रव वाष्पित हो जाता है एवं वाष्प को अन्य किसी पात्र में एकत्रित करके ठंडा करने पर संघनन के कारण द्रव शुद्ध अवस्था में प्राप्त हो जाता है और चूँकि ठोस पदार्थ वाष्पित नहीं हो सकता है इसलिए यह उसी पात्र में रह जाता है, इस प्रकार द्रव और ठोस अलग हो जाते, इस प्रक्रिया को आसवन कहते है।
जब जल में घुलनशील ठोस अशुद्धियाँ उपस्थित रहती है तो उसका शुद्धिकरण आसवन विधि द्वारा ही किया जाता है।
कच्चे तेल के विभिन्न अवयवों को पृथक करने के लिए भी आसवन विधि का उपयोग किया जाता है।