क्रिस्टलीकरण

किसी संतृप्त विलयन से क्रिस्टल के रूप में शुद्ध ठोस को प्राप्त करने को क्रिस्टलीकरण कहते है। क्रिस्टलीकरण की प्रक्रिया वाष्पीकरण से भिन्न होती है। क्रिस्टलीकरण में किसी ठोस को विलियन से पृथक् करने के लिए सर्वप्रथम विलयन का वाष्पन किया जाता है। जब विलयन काफी सान्द्र हो जाता है तो वाष्पन करना बंद करके विलयन को धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है जिससे क्रिस्टल बनने लगते है जिनको निस्यंदन विधि से अलग कर लिया जाता है।

अनुप्रयोग

  • समुद्र जल द्वारा प्राप्त नमक को शुद्ध करने में
  • अशुद्ध नमूने से फिटकरी को पृथक करने में
  • मिश्री बनाने में
  • चासनी में से शक्कर पृथक करने में