गतिज ऊर्जा

गतिज ऊर्जा

किसी पिंड में उसकी गति के कारण निहित ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते है।
बहते जल में, धनुष से छोड़े गये तीर में, खिलाड़ी द्वारा फेंके गये गेंद में गतिज ऊर्जा होती है।
यदि द्रव्यमान m का पिंड वेग v से गतिशील है तो इसकी गतिज ऊर्जा को निम्न प्रकार से व्यक्त कर सकते है-
K.E. = ½ ( mv2 )

यदि पिंड का संवेग p हो तो-
K.E. = p2/2m
अर्थात किसी पिंड की गतिज ऊर्जा उसकी velocity एवं momentum पर निर्भर करती है।

गतिज ऊर्जा का SI मात्रक Joule है। गतिज ऊर्जा सदैव धनात्मक होती है। किसी पिंड की गतिज ऊर्जा निर्देश तंत्र पर निर्भर करती है।

वायु की गतिज ऊर्जा का उपयोग पवन चक्की में किया जाता है जिससे turbine चलाकर electricity उत्पन्न की जाती है।