दृढ़ पिंड

ऐसा पिंड जिसके कणों पर बल लगाने पर भी उनके बीच की दूरी नहीं बदलती है तो वह दृढ़ पिंड कहलाता है। अत: दृढ़ पिंड की एक सुनिश्चित और अपरिवर्तनीय आकृति होती है। वास्तव में कोई भी पिंड दृढ़ पिंड नहीं है क्योंकि सभी व्यवहारिक पिंड बाह्य बलों के प्रभाव से विकृत हो जाते है।