बल

किसी पिंड की स्थिति में परिवर्तन के लिये प्रयास के रुप में धक्का देना या खींचना बल ( Force ) कहलाता है। बल ( Force ) एक सदिश राशि है। बल का SI मात्रक न्यूटन है।
न्यूटन के गति के द्वितीय नियम के अनुसार
F = k dpdt

यदि k = 1 ले तो
F = ma

अर्थात किसी पिंड पर आरोपित बल उसमें उत्पन्न त्वरण व उसके द्रव्यमान के गुणनफल के बराबर होता है।

बल के उदाहरण

बल कई प्रकार के हो सकते है- जैसे श्यान बल, घर्षण बल, गुरुत्वीय बल, विद्युत चुंबकीय बल, दुर्बल नाभिकीय बल, प्रबल नाभिकीय बल इत्यादि।

मूल मात्रकों के पदों में 1N का मान कितना होता है?

हम जानते है कि,
F = ma
So, 1N = 1 kg × 1m s-2
Or, 1N = 1 kg m s-2
अतः मूल मात्रकों के पदों में 1N का मान 1 kg m s-2 होता है।

CGS मात्रकों के पदों में 1dyne का मान कितना होता है?

हम जानते है कि,
F = ma
So, 1dyne = 1 g × 1cm s-2
Or, 1dyne = 1 g cm s-2
अतः CGS मात्रकों के पदों में 1dyne का मान 1 g cm s-2 होता है।

डाइन एवं न्यूटन में क्या संबंध है?

हम जानते है कि,
F = ma
अतः, 1N = 1 kg × 1m s-2
Or, 1N = 103g × 102cm s-2
Or, 1N = 105 g cm s-2
Or, 1N = 105 dyne
अतः 1N, 105 dyne के बराबर होता है।