ब्रैग समीकरण

माना किसी जालक के बराबर दूरी पर स्थित तलों, जिनके बीच की दूरी d है, पर X-किरणों का एकवर्णी समांतर प्रकाश पुँज जालक पर θ कोण बनाता हुआ आपतित होता है। इस स्थिति में d, θ एवं λ में निम्न संबंध होता है-
2d sinθ = nλ
यह संबंध ब्रैग समीकरण कहलाता है।