विस्थापन धारा

जब हम किसी संधारित्र को बैटरी से जोड़ते है तो उसमें विद्युत धारा प्रवाहित होती है। संधारित्र के बाहर धारा, चालन धारा के रूप में प्रवाहित होती है जबकि संधारित्र के अंदर चालन धारा का मान शून्य होता है। संधारित्र के अंदर धारा परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र के कारण प्रवाहित होती है जिसे हम विस्थापन धारा कहते है।

विस्थापन धारा निम्नलिखित प्रकार से दी जा सकती है,

$$\vec{J_d} = \frac{\partial \vec{E}}{\partial t}$$