स्वपोषी पादप

वे पादप जो सूर्य के प्रकाश से अपना भोजन स्वयं बनाते है, स्वपोषी पादप कहलाते है। स्वपोषी पादपों की पत्तियों में हरे रंग का वर्णक पर्णहरित उपस्थित रहता है। हरे पौधों की पर्णहरित युक्त कोशिकाएं सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में जल एवं कार्बन डाइऑक्साइड के द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते है। इस क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते है। इस क्रिया के रूप में कार्बोहाइड्रेट बनता है एवं ऑक्सीजन मुक्त होती है। यह कार्बोहाइड्रेट अंत में स्टार्च में रूपांतरित होकर पौधों में संग्रहित रहता है। नीम, बबूल, खेजड़ी, अशोक आदि स्वपोषी पादपों के उदाहरण है।